admin

ग़रीब से क़रीब का रिश्ता भी छुपाते है लोग..
*और* *अमीरों से दूर का रिश्ता भी* *बढ़ा-चढ़ा कर बताते है लोग…* *चाहे कितना भी कमालो* *लेकिन कभी घमंड न करना* *क्योंकि शतरंज का खेल ख़त्म होते ही-* *राजा और मोहरे एक ही डिब्बे में रख दिए जाते है…* ⌨⌨⌨⌨⌨⌨⌨⌨⌨⌨⌨⌨⌨ *
किसी को खुश करने का* *मौका मिले तो खुदगर्ज ना बन जाना* … *बड़े नसीब वाले होते है वो,* *जो दे पाते है मुस्कान किसी चेहरे पर*…! *दूध का सार है मलाई मे* ……! *और* *जिंदगी का सार है भलाई में…..न जाने कौन सी शोहरत पर आदमी को नाज है,*_ *जबकि आखरी सफर के लिए भी आदमी औरों का मोहताज है*…..



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *